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गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने का सही तरीका, जानें 9 तरीके| Pregnancy Tips
देखा जाठतो à¤à¤¾à¤°à¤¤ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का सबसे आबादी वाला देश है लेकिन अà¤à¥€ à¤à¥€ बहà¥à¤¤ से महिलाà¤à¤‚ à¤à¤¸à¥€ है जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इस बात की जानकारी नहीं है कि बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करने में किन-किन बातों की सावधानियाठरखनी चाहिà¤à¥¤ इसका à¤à¤• मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण यह है कि हमारे समाज में सेकà¥à¤¸ से समà¥à¤¬à¤‚धित बाते करने में आज à¤à¥€ लोग हिचकिचाते है जिसका परिणाम महिलाओं को इस दौरान की सही जानकारी नहीं मिल पाती है जिससे उनको काफी परेशानियाठहोती है। आइये जानते है गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने का सही तरीका जानें।
1. पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी से संबंधित कà¥à¤› तथà¥à¤¯: (Important points about Pregnancy in Hindi)
âš« जितनी à¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करना चाहती हैं , उनमे से लगà¤à¤— 85% लोग à¤à¤• साल के अनà¥à¤¦à¤° à¤à¤¸à¤¾ करने में सफल हो जाते हैं। जिसमे से 22 % लोग तो पहले महीने के अनà¥à¤¦à¤° ही सफल हो जाते हैं। यदि à¤à¤• साल तक पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करने पर à¤à¥€ बचà¥à¤šà¤¾ ना हो तो यह समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है और इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लोग इनफरà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² कहते है।
âš« बचà¥à¤šà¤¾ पैदा होने के लिठसेकà¥à¤¸ का होना अनिवारà¥à¤¯ है। इस दौरान पà¥à¤°à¥à¤· का penis (लिंग) सà¥à¤°à¥€ के vagina (योनी) में जाना चाहिठऔर उसे सà¥à¤°à¥€ के vagina में sperm ( शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ ) छोड़ने होंगे , जिससे sperm ,uterus(गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯) के मà¥à¤– के पास इकठà¥à¤ ा हो जाà¤à¥¤ यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ सेकà¥à¤¸ के दौरान अपने आप हो जाती है इसलिठइसके लिठपरेशान ना हो।
âš« इसके आलावा समà¥à¤à¥‹à¤— ovulation के समय के आस-पास होना चाहिà¤. Ovulation à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है जिसमे महिलाओं के Ovary (अंडाशय ) से egg ( अंडे) निकलते हैं। Ovulation menstruation cycle(MC) यानि मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° का पारà¥à¤Ÿ होता है, जो कि मासिक चकà¥à¤° के चौदहवें दिन, पर शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है।
âš« बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करने के लिठमहिलाओं में सेकà¥à¤¸ के दौरान orgasm का होना अनिवारà¥à¤¯ नहीं होता। दरअसल fallopian tube जो कि अंडे को ovary से uterus तक ले जाता है , sperm को अपने अनà¥à¤¦à¤° खींच ले जाता है और उसे egg से मिलाने की कोशिश करता है। इसमें महिलाओं में ऑरà¥à¤—जà¥à¤® आना अनिवारà¥à¤¯ नहीं होता।
2. पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होने के लिठकà¥à¤› टिपà¥à¤¸(How to be pregnant)
Doctor से जांच कराà¤à¤‚ :बचà¥à¤šà¥‡ के बारे में सोचने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह ले और अपनी जांच करा लें। इससे यह पता चल जाà¤à¤—ा कि आपको किसी तरह कि शारीरिक परेशानी तो नहीं है , या कोई infection। इससे sexually transmitted disease होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ खतà¥à¤® हो जाà¤à¤—ी। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के सà¥à¤¤à¤° की सूजन जैसी परेशानियों की à¤à¥€ जांच हो जाà¤à¤—ी।
Ovulation के समय के आस-पास sex करें: बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करने के लिठसà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ के eggs ovary से निकलने के 24 घंटे के अनà¥à¤¦à¤° fertilize होने चाहिà¤à¥¤à¤†à¤¦à¤®à¥€ के sperms औरत के reproductive tract (पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ पथ) में 48 से 72 घंटे तक ही जीवित रह सकते हैं. चूà¤à¤•ि बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करने के लिठआवशà¥à¤¯à¤• embryo (à¤à¥à¤°à¥‚ण ) egg और sperm के मिलन से ही बनता है।
इसलिठcouples को ovulation के दौरान कम से कम 72 घंटे में à¤à¤• बार ज़रूर sex करना चाहिठऔर इस दौरान पà¥à¤°à¥à¤· को सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ के ऊपर होना चाहिठताकि sperms के leakage की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम हो। साथ ही पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिठकि वो 48 घंटे में à¤à¤• बार से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ना ejaculate करें वरना उनका sperm count काफी नीचे जा सकता है , जो हो सकता है कि egg जो fertilize करने में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ ना हो।
Ovulation का समय पता करने का अरà¥à¤¥ है उस समय का पता करना जब ovaries से fertilization के लिठतैयार egg निकलते है। इसे जानने के लिठआपको अपने period-cycle (मासिक-धरà¥à¤®) का अंदाजा होना चाहिà¤à¥¤ यह 24 से 40 दिन के बीच हो सकता है। नेकà¥à¤¸à¥à¤Ÿ पीरियड आने से 12 से 16 दिन पहले का समय ovulation पीरियड होता है।
हेलà¥à¤¦à¥€ लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² अपनाà¤à¤: बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करने के chances बढ़ाने के लिठबेहद आवशà¥à¤¯à¤• है कि पति-पतà¥à¤¨à¥€ à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯- जीवनशैली बनाà¤à¤‚ रखें। इससे होने वाली संतान à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥€ होगी। खाने –पीने में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ और फल की मातà¥à¤°à¤¾ रखें। Vitamins की सही मातà¥à¤°à¤¾ से पà¥à¤°à¥à¤·-सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ दोनों की fertility rate बढती है। रोजाना वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने से à¤à¥€ फायदा होता है।
तनाव-मà¥à¤•à¥à¤¤ रहने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें: इसमें कोई शक नहीं है कि अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• तनाव आपके reproductive function में बाधा डालता है। तनाव से कामेकà¥à¤·à¤¾ खतà¥à¤® हो सकती है , और extreme conditions में सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में menstruation कि पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को रोक सकती है। à¤à¤• शांत मन आपके शरीर पर अचà¥à¤›à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालता है और आपके pregnant होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बà¥à¤¾à¤¤à¤¾ है। इसके लिठआप regularly breathing- exercises और relaxation techniques का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें।
Testicles (अंडकोष) को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ heat से बचाà¤à¤‚: यदि sperms जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तापमान में expose हो जाठतो वह मर सकते है। इसीलिठtesticles (जहाठsperms का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होता है) body के बाहर होते हैं ताकि वह ठंढे रह सकें। गाड़ी चलाते समय à¤à¤¸à¥‡ beaded सीट का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें जिसमे से थोड़ी हवा पास हो सकें। बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤® पानी से इस अंग को ना धोà¤à¤‚। आमतौर पर इतना अधिक precaution लेने की ज़रà¥à¤°à¤¤ नहीं है पर जो लोग आग की à¤à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ या किसी गरà¥à¤® जगह पर देर तक काम करते हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सावधान रहने की ज़रà¥à¤°à¤¤ होती है।
सेकà¥à¤¸ के बाद थोड़ी देर आराम करें: सेकà¥à¤¸ के बाद थोड़ी देर लेटे रहने से महिलाओं की योनि से sperms के निकलने की समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤ नहीं रहती। इसलिठसेकà¥à¤¸ के बाद 15-20 मिनट लेटे रहें।
नशा ना करें: डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸, नशीली दवाओं, सिगरेट या शराब के सेवन से दोनों के हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ का संतà¥à¤²à¤¨ बिगड़ सकता है। इससे आपकी पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ (Fertility) बà¥à¤°à¥€ तरह पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकती है। इससे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¥€ जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ विसंगतियां हो सकती हैं।
दवाईयों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कम करें: कई दवाईयाठà¤à¤¸à¥€ होती है जो आपकी Fertility पर बà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डाल सकती है। कई दवाईयाठovulation को à¤à¥€ रोक सकती हैं , इसलिठदवाओं का कम से कम उपयोग करें। आप किसी à¤à¥€ दवा को लेने या छोड़ने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर सलाह लें। खà¥à¤¦ से किसी à¤à¥€ तरह की दवाईयाठना लें।
Lubricants का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² ना करें: Vagina को lubricate में पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— होने वाले कà¥à¤› ज़ेलà¥à¤¸, तरल पदारà¥à¤¥ , इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ sperms को महिलाओं की reproductive tract में travel करने से रोक सकते है। इसलिठइनका पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछ कर करें। जितना हो सकें artificial lubricants का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² ना करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि orgasm के दौरान शरीर खà¥à¤¦ ही परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में liquid produce करता है जो sperm और ovaries दोनों के लिठhealthy होता है।
placenta
3. पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होने के लिठसेकà¥à¤¸ कब करें
🔴 गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने के लिठsex का सही समय पता करने से पहले आपको अपनी Menstrual Cycle (मेंसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥à¤…ल साइकिल ) के बारे में पता होना चाहिà¤à¥¤
🔴 आमतौर पर पीरियडà¥à¤¸ दोबारा आने का समय 28 दिन यानि 4 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ का होता है। लेकिन कई महिलाओं में यह कम और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सकता है।
🔴 अगर हम पीरियडà¥à¤¸ की normal range की बात करें तो adults में यह 21 से 35 दिनों का होता है और 13 से 19 साल की उमà¥à¤° में यह 21 से 45 दिनों का हो सकता है।
🔴 आपके पीरियडà¥à¤¸ के बीच का समय आपकी हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव के कारण घटता और बà¥à¤¤à¤¾ है। अगर आपकी पीरियडà¥à¤¸ का समय इस बीच में नहीं आता तो आपको अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से इस बारे में बात करनी चाहिà¤à¥¤
🔴 आपकी menstrual cycle का duration आपकी पीरियड शà¥à¤°à¥‚ होने वाले दिन से दूसरे पीरियड आने वाले à¤à¤• दिन पहले तक का होता है।
अब आपको बताते है पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होने के लिठसेकà¥à¤¸ कब करें।
>>> आप सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ fertile (गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने योगà¥à¤¯ ) Ovulation के समय होती हैं। Ovulation का समय, यानि वो समय जब आपकी ovaries (अंडाशय) में से eggs निकलते हैं। आमतौर पर à¤à¤¸à¤¾ अगला period शà¥à¤°à¥‚ होने के 12 से 14 दिन पहले होता है इस समय sex करने पर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट होने की सबसे अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है।
>>> पीरियड खतà¥à¤® होने के ठीक बाद पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम होती है, लेकिन पूरी तरह से खतà¥à¤® नहीं होती। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि male sperms sex करने के 7 दिन बाद तक ज़िंदा रह सकते हैं। इसका मतलब अगर आपका MC का duration बहà¥à¤¤ छोटा है और आप अपने period के तà¥à¤°à¤‚त बाद ovulate कर दें तो आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हो सकती हैं। इसलिठजो महिलाà¤à¤‚ pregnant नहीं होना चाहती उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इस दौरान à¤à¥€ protection लेना चाहिà¤à¥¤
4. कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान सेकà¥à¤¸ करना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है?
(i) यदि आपकी pregnancy में किसी तरह की कोई complications नहीं हैं और यह à¤à¤• healthy pregnancy है तो आप सेकà¥à¤¸ कर सकती है। Mucus plug की मोटी परत जो cervix को सील करती है वो आपके baby को किसी à¤à¥€ तरह के infection से बचाती है। इसके आलावा amniotic sac और आपके uterus की मजबूत हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ आपके baby को safe रखती हैं।
(ii) पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं की सबसे सेफ पोजीशन साइड-बाà¤-साइड सà¥à¤ªà¥‚निंग (Side-By-Side Spooning) और à¤à¤œ पर सीट (Sitting at the edge) होना है।
(iii)आपने सà¥à¤¨à¤¾ होगा कि pregnancy के दौरान सेकà¥à¤¸ करने से बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤® जलà¥à¤¦à¥€ हो जाता है। लेकिन यह बात गलत है जब तक आपकी pregnancy में कोई complications ना हो।
(iv) यदि आपकी body बचà¥à¤šà¥‡ पैदा करने के लिठतैयार नहीं है तो sex करने से premature birth नहीं होता।
लेकिन कà¥à¤› condition में सेकà¥à¤¸ के लिठसावधानियाठबरतनी होती है।
ââ यदि pregnancy के शà¥à¤°à¥‚आती दिनों में आपको bleeding की problem रही हो तो आपका doctor 14 हफà¥à¤¤à¥‡ की पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी का समय बीत जाने से पहले आपको सेकà¥à¤¸ करने के लिठमना कर सकता है।
ââ Cervical (सरवाइकल) weakness का इतिहास रहने पर।
ââ Placenta (नाल) नीचे की तरफ होने पर।
ââ Vaginal (योनि) infection रहने पर।
back pain
5. गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान होने वाली आम समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤
(A) कमर दरà¥à¤¦: गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पीठमें दरà¥à¤¦ होना आम है। यह इसलिठहोता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के दौरान महिलाओं की मांसपेशियां ढीली पड़ जाती है, ताकि शरीर बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देने के लिठतैयार हो सकें। जिस वजह से सà¥à¤°à¥€ के कमर में दरà¥à¤¦ होता है।
कमर दरà¥à¤¦ से बचने के लिठहलà¥à¤•ा वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें, शरीर का वजन संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रखें, और à¤à¥à¤•कर करने वाले काम कम से कम करें। शरीर का वजन दोनों पैरों पर समान मातà¥à¤°à¤¾ में होना चाहिà¤à¥¤
(B) कबà¥à¤œ: गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सà¥à¤°à¥€ में कबà¥à¤œ की शिकायत होती है। जिसकी मà¥à¤–à¥à¤¯ वजह बचà¥à¤šà¥‡ की वजह से आà¤à¤¤ में दबाव पड़ना होता है। सà¥à¤°à¥€ के शरीर में रिलैकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ नामक हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ निकलता है जिसके कारण शरीर पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ पैदा करता है, जो आà¤à¤¤à¥‹à¤‚ की दीवार और पेट की मांसपेशियों को आराम देता है। जिससे पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ धीमी हो जाती है और रकà¥à¤¤ की मातà¥à¤°à¤¾ बॠजाती है।
(C) पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान कबà¥à¤œ की परेशानी से बचने के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी पिà¤à¤ और फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार लें।
उà¤à¤—लियों में सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ और सूजन: गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिलाओं का वजन बॠजाता है और रकà¥à¤¤ का संचार कम हो जाता है जिससे शरीर में सूजन आ जाती है। जिसका कारण शरीर में पानी की मातà¥à¤°à¤¾ बà¥à¤¨à¤¾ और नसों और मांसपेशियों पर दबाव पड़ने से उà¤à¤—लियों का सà¥à¤¨à¥à¤¨ हो जाना।
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° होने से à¤à¥€ सूजन अधिक होती है। इसलिठगरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलओं को नमक कम और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेवन करना चाहिà¤à¥¤
तà¥à¤µà¤šà¤¾ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚: गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को कई तरह की तà¥à¤µà¤šà¤¾ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती है। इसके पीछे का कारण है हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° में बदलाव जिसकी वजह से तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तेल का बनना।
(D) तà¥à¤µà¤šà¤¾ में होने वाले बदलाव
âš« वेरिकोस वेंस (Vericose Veins): तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर हलà¥à¤•ी नीली नसें उà¤à¤°à¤¨à¤¾
âš« सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¡à¤° वेंस (Spider Veins): लाल बà¥à¤²à¤¡ वेसलà¥à¤¸ उà¤à¤°à¤¨à¤¾
âš« डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ ईची à¤à¤¬à¥à¤¡à¥‹à¤®à¥‡à¤¨ (dry itchy abdomen): पेट की तà¥à¤µà¤šà¤¾ को रà¥à¤–ा और खà¥à¤œà¤²à¥€à¤¦à¤¾à¤° होना
âš« लिनिया निगरा (Linea Nigra): नाà¤à¤¿ में पà¥à¤¯à¥‚बिक बोन (Pubic Bone) तक गहरी काली रेखा उà¤à¤°à¤¨à¤¾
âš« सà¥à¤•िन टैगà¥à¤¸ (Skin Tags): शरीर के अलग-अलग हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ का रंग गहरा हो जाना
5. कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सेकà¥à¤¸ करने में कंडोम का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करना जरूरी है?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान यौन संचारित infections से बचना बहà¥à¤¤ ज़रूरी है,अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ यह आपकी pregnancy और baby की health पर बà¥à¤°à¤¾ असर डाल सकता है। इसलिठprecaution के तौर पर कंडोम का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
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